दादा की खाकी वर्दी बनी प्रेरणा, दूसरे अटेम्प्ट में UPSC क्रैक कर बनीं IPS
कई बार रास्ते में असफलताएं, मुश्किलें और निराशा आती हैं, लेकिन जो लोग हार नहीं मानते, वही एक दिन इतिहास रचते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है आईपीएस अधिकारी प्रियंका मोहिते की, जिन्होंने महज 23 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपने परिवार का सपना साकार कर दिखाया।

Success Story: सपने तभी पूरे होते हैं, जब उनके साथ अटूट हौसला, मेहनत और खुद पर विश्वास भी हो। कई बार रास्ते में असफलताएं, मुश्किलें और निराशा आती हैं, लेकिन जो लोग हार नहीं मानते, वही एक दिन इतिहास रचते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है आईपीएस अधिकारी प्रियंका मोहिते की, जिन्होंने महज 23 साल की उम्र में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर अपने परिवार का सपना साकार कर दिखाया। चलिए इनकी कहानी जानते हैं।
यहां से जन्म लिया खाकी वर्दी पहनने का सपना
प्रियंका के लिए UPSC पास करना सिर्फ एक नौकरी हासिल करना नहीं था, बल्कि अपने दादा के अधूरे सपने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना था। उनके दादा पुलिस विभाग में जमादार थे। बचपन से दादा की ड्यूटी और ईमानदारी की कहानियां सुनते-सुनते प्रियंका के मन में भी एक दिन खाकी वर्दी पहनने का सपना जन्म ले चुका था।

